बैंक कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत, परिजनों को 1.15 करोड़ का मुआवजा

May 16, 2026 - 20:28
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बैंक कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत, परिजनों को 1.15 करोड़ का मुआवजा

विवेक झा, भोपाल। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले पंजाब एंड सिंध बैंक के कर्मचारी के परिजनों को भोपाल की मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अदालत ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने मृतक के माता-पिता को 1 करोड़ 15 लाख रुपए से अधिक का मुआवजा 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश बीमा कंपनी को दिए हैं। यह फैसला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, भोपाल की सदस्य न्यायाधीश श्रीमती ज्योति राजपूत ने सुनाया।

उज्जैन दर्शन के दौरान हुआ था हादसा

मामले के अनुसार इंदौर निवासी प्रतीक पोल पंजाब एंड सिंध बैंक की बैरसिया शाखा में कैशियर के पद पर पदस्थ थे। 28 जून 2024 को वे अपने चार साथियों के साथ कार से उज्जैन दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान अहमदपुर रोड पर ग्राम रमपुरा बालाचौंन के पास कार चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए कार को सड़क किनारे पेड़ से टकरा दिया। हादसे में प्रतीक गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट थाना बैरसिया में दर्ज कराई गई थी।

माता-पिता ने दायर किया था दावा

दुर्घटना के बाद मृतक के पिता देवीदास पोल और माता ऊषा पोल ने अधिवक्ता रणधीर सिंह ठाकुर के माध्यम से कार चालक, वाहन स्वामी और बीमा कंपनी के खिलाफ क्षतिपूर्ति राशि के लिए दावा प्रस्तुत किया। परिजनों ने अदालत में कहा कि प्रतीक परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और उनकी असमय मृत्यु से परिवार आर्थिक व मानसिक संकट में आ गया।

अदालत ने चालक को माना दोषी

सुनवाई के दौरान अदालत ने दुर्घटना से जुड़े दस्तावेज, एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वाहन संबंधी रिकॉर्ड और गवाहों के बयान पर विचार किया। न्यायालय ने पाया कि दुर्घटना कार चालक की लापरवाही से हुई थी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि चालक ने तेज और असावधानीपूर्वक वाहन चलाया, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया।

बैंक नौकरी और आय को आधार बनाकर तय हुई राशि

अदालत ने मृतक की आय, नौकरी और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुआवजा तय किया। आदेश में उल्लेख किया गया कि प्रतीक पोल की मासिक आय 70 हजार रुपए से अधिक थी और वे बैंक में नियमित सेवा में थे। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए भविष्य की आय, आश्रितों की स्थिति और पारिवारिक नुकसान को ध्यान में रखा।

बीमा कंपनी को भुगतान के आदेश

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि मृतक के माता-पिता को कुल 1,03,52,544 रुपए मूल क्षतिपूर्ति राशि तथा अन्य मदों सहित करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपए का भुगतान 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित किया जाए। अदालत ने यह राशि निर्धारित समयसीमा में जमा कराने के निर्देश भी दिए हैं।

फैसले को बताया महत्वपूर्ण

कानूनी जानकारों के अनुसार यह फैसला सड़क दुर्घटना मामलों में आश्रित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से निजी और बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत युवाओं की आय और भविष्य की संभावनाओं को आधार बनाकर बड़ी क्षतिपूर्ति राशि तय किए जाने को अहम माना जा रहा है।

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